you can deserve better than me 🖤

कि तुम मुझे देख मुस्कुराती ,

मैं तुम्हे देख मुस्कुराता ,

तुम थोड़ा सा शर्माती, मैं इशारों में पास आता

तुम नखरे दिखाती और मैं पीछे मुड़ जाता

तेरी तिरछी नैनो में मैं खुद को पाता

फिर मैं वहीं पिघल जाता 

जो आता मैं तुमसे दोस्ती के वास्ते 

तु मुश्किलें हजार गिनाता

मैं वापस चला जाता 

यदि मैं करता इज़हार ऐ इश्क का -2

तुम ठुकरा देती और मैं वहीं बिखर जाता।

सारे सपने जो सोचे थे मैने कुछ पल में

वो सारे वहीं खतम हो जाते 

गर मैं करता इज़हार ऐ मोहब्बत का 

तुम ठुकरा देती और मैं वहीं बिखर जाता ।

चलो मान लिया कि तुम नहीं जानते हमको

क्या मैं अपने बारे में नहीं बताता तुमको 

क्या मैं पूछता नहीं कभी तुमको ?

अरे तुम अपना हाल क्या सुनाओगी

मुझे ही रोना आएगा जब तुम 

you can deserve better than me 

बोलके मेरे मुंह पर चली जाओगी 

गर मैं करता इज़हार ऐ इश्क का -2

तुम ठुकरा देती और मैं वहीं बिखर जाता।

-Santo 

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