कोई रातों को जगता है दिन को जीने के लिए कोई दिन में थकता है जिंदगी जीने के लिए कोई पीता है किसी को याद आने के लिए कोई पीता है किसी को याद न आने के लिए सुबह से शाम हो जाती है कहीं तक जाने के लिए राते भी सो गई है मेरे बिन , लोग खो जाते हैं रोने के बाद सड़के भी सुनसान सी हो गई हैं कल का सूरज भी निकलने को है जग सारा रुका हुआ लग रहा है मैं क्यूं नहीं रुक पाता हां मैं शराब क्यूं नहीं पी पाता, लगता है खोने से डरता हूं मैं और एक तुम हो मेरा ख्याल न रहा तुमको तुमने पलक झुका कर हमको बेजुबान कर गए हम तेरे एहतराम में रह गए तुम किसी और के शाम में बस गए हमारी जिंदगी सुनी करके किसी और की नजर बन गए मैं खुद ही टूट रहा हूं मैं खुद से रूठ रहा हूं खुद को ही अंदर ही अंदर जला रहा हूं कल को खुद ही बदल जाऊंगा बस आज ही थोड़ा बिगड़ गया हूं आज की शाम नहीं जी रहा हूं कल का सुबह जीने की कोशिश करेंगे अब हद से ज्यादा न बिगड़ेंगे, कर रहा हूं शिकायतें खुद से कुछ नया बुनने में लगा हूं मैं अपने आप में खुद एक सूरज हूं। अंधेरों से खुद ही लड़ा हूं मैं अपने आप में खुद एक सूरज हूं।। -Santo
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अब से तुम अपना ख्याल रखना
अब से तुम अपना ख्याल रखना मेरे बारे में कोई खयालात मत रखना पहले हम ही पूछ लिया करते थे आपके हाल को लेकिन अब से तुम अपने हालात का खुद ही ध्यान रखना बहुत मशगूल हो तुम अपनी दुनिया में उसी में तुम मशगूल रहना बस याद रखना की अब से तुम अपना ख्याल रखना।। हालात कैसे भी होंगे हमको तो सहना ही पड़ेगा बहुत सारी बातें थी तुमसे नाराजगी भी, कि करेंगे किसी दिन शिकायत तुम्हारी, तुम्ही से। लेकिन अब कोई गिला नहीं तुमसे बस, अब से तुम अपना ख्याल रखना। बस, अब से तुम अपना ख्याल रखना।। -तुम्हारा बिछड़ने वाला मित्र🙂
Nyc brother 😊😊
जवाब देंहटाएंThanks brother ❣️
हटाएंThanks brother ❣️
हटाएंवाह खूबसूरत रचना
जवाब देंहटाएंThanks 😊
हटाएंJabrdast
जवाब देंहटाएंThanks 😊
हटाएंGreat job 👍
जवाब देंहटाएंBhut khub
जवाब देंहटाएंamzing
जवाब देंहटाएंbadiya
जवाब देंहटाएंahah
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