कद्र न थी हमारी उनको

हमने अपनी आप बीती उनको बताई

but u can deserve better 

का पाठ हमको ही पढ़ाकर

हमको ही किनारे कर दिया

मुझे मालूम था की मैंने

अपनी बाते एक ऐसे पत्थर को बताई

जिसे मैं हर बार पहले रखा 

और सबसे ज़्यादा खास मानता था

वो ऐसी दुआ थी जो कभी

पूरी न होने को थी 

और पूरी करना भी नही है शायद

हां मैं भी मानता था उसको

खुदा की तरह पर खुदा मेरे साथ था

लोग नहीं।

जब कुछ का साथ छूटता है

तो दुनिया पराया लगने लगता है।

कुछ सपने जो पूरे होते थे 

बिना मांगे ही तब उनकी 

कीमत कम हुआ करती है 

आज जब को दिए हैं अपने 

सूरज चांद को कब तक 

उजाला करेगा, तारों से क्या ही

उम्मीदें करना जब दिन में 

खो जाते हैं और रात में सिर्फ 

आंखों को भाते हैं

तब मुझे सच में समझ आया कि

You can deserve better than .....

 

- ✍️ Santo


 

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