मां

 कि कर लूं इतनी कमाई 

तेरे आंगन में सजा दूं 

चांद तारों की दुनियां

तू कहे तो पानी ला दूं

तू कहे तो पेड़ लगा दूं

रेत की दुनियां में 

मरीचिका सा खूबसूरत महल बना दूं

पूरी दुनियां को  एक ओर करके 

तेरी अलग दुनियां बना दूं 

बोल न मां आज चुप क्यों है

तेरे लाडले ने ये बातें कही

तू कहे तो सच करके दिखा दूं

आज मैं तेरे आंचल के छांव में 

सोना चाहता हूं खुद ही रोना चाहता हूं

लाख कमाने के बाद भी

 तेरी आंचल न नसीब हो तो 

बोल न मां क्या पूरी दुनियां जला दूं

तेरे चरणों में मैं अपनी दुनियां बसा लूं


Santo

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

दीवारें